Simdega: खूंटी–सिमडेगा मुख्य पथ पर कोलेबिरा से छगरी बांधा होते हुए सिमडेगा तक स्थित खतरनाक घाटी क्षेत्र की घुमावदार सड़क अब सीधे मार्ग में तब्दील हो सकती है। इस संबंध में पूर्व राजनीतिक संगठन झारखण्ड विकास मोर्चा के खूंटी जिला के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में नई उम्मीद जगी है।
हर वर्ष सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं
दिलीप मिश्रा ने सिमडेगा उपायुक्त को पत्र लिखा था जिस पत्र में उल्लेख किया था कि कोलेबिरा से छगरी बांधा होते हुए सिमडेगा तक मुख्य पथ में अत्यंत खतरनाक घाटी है। इस क्षेत्र में सड़क काफी घुमावदार और ढलानदार है, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बताया गया है कि इस घाटी क्षेत्र में हर वर्ष सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। कई बार वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर जाते हैं, तो कभी आमने-सामने टक्कर की घटनाएं सामने आती हैं। इन दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह मार्ग भय का कारण बना हुआ है।
केंद्रीय मंत्री को भी भेजी गई प्रति
दिलीप मिश्रा ने अपने आवेदन पत्र की एक प्रति केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी प्रेषित की थी, ताकि केंद्र स्तर से भी इस मार्ग के सुधार को लेकर पहल हो सके। पत्र के माध्यम से उन्होंने इस मार्ग को सीधा कर नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की थी, जिससे दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
सरकार ने दिया कार्रवाई का निर्देश
इस जन आवेदन पर झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल एवं निगरानी विभाग के अवर सचिव ने पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, अपर सचिव एवं संयुक्त सचिव को पत्र जारी कर नियमानुसार यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आवेदन को संलग्न करते हुए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।
क्षेत्रवासियों में जगी उम्मीद
सरकारी स्तर पर पहल की सूचना मिलते ही सिमडेगा, कोलेबिरा और आसपास के क्षेत्र के लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है। लोगों का कहना है कि यदि घाटी क्षेत्र की घुमावदार सड़क को सीधा कर आधुनिक तकनीक से निर्माण किया जाता है, तो हर वर्ष होने वाली सैकड़ों सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और कई परिवार उजड़ने से बच सकेंगे।
दिलीप मिश्रा के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि जनहित के इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि पथ निर्माण विभाग कब तक सर्वे कर योजना को धरातल पर उतारता है।



