Giridihi: नगर निकाय चुनाव के बीच मेयर पद के उम्मीदवार डॉ. समीर राज चौधरी ने अपने नाम से जुड़े विवाद पर खुलकर बात की है। Indian National Congress समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे समीर ने कहा कि उनका लक्ष्य गिरिडीह को “स्वच्छ, सुंदर और आदर्श निगम” बनाना है।
डॉ. समीर राज चौधरी इससे पहले भी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं और इस बार फिर मेयर सीट के लिए प्रयासरत हैं। हालांकि हाल के दिनों में उनके एक हलफनामे को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने खुद को बिहार का मूल निवासी बताया था। इसी के आधार पर उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हलफनामे और जाति प्रमाण पत्र पर क्या कहा?
इस मुद्दे पर बातचीत में डॉ. समीर ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2000 के बाद झारखंड के सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र चुनाव लड़ने के लिए मान्य है। उन्होंने कहा कि वे इसी आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वजों के बिहार या झारखंड से होने से उनकी जाति नहीं बदल जाती। उनके अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी प्रमाण पत्र ही मान्य होता है।
“लोकल चुनाव में चेहरा और चरित्र मायने रखता है”
महागठबंधन की एकजुटता के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं, बल्कि स्थानीय निकाय का चुनाव है। ऐसे में मतदाता उम्मीदवार के चरित्र, कार्यशैली और क्षेत्रीय जुड़ाव को प्राथमिकता देते हैं।
डॉ. समीर ने दावा किया कि वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। उन्हें जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है।
नगर निकाय चुनाव में अब मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है, जहां विकास, छवि और स्थानीय जुड़ाव जैसे मुद्दे प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।


