Bokaro: बोकारो जिले के महुआटांड़ थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दो दिनों में हाथियों के हमले में एक मासूम बच्चे सहित पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है। ताजा घटना शनिवार को गंगपुर गांव की है, जहां हाथियों के झुंड ने एक ही परिवार को निशाना बनाया।
परिजनों के अनुसार, हाथियों ने सोमर साव के घर पर अचानक हमला कर दिया। जान बचाने के लिए परिवार के लोग छत की ओर भागे, लेकिन हाथियों ने सोमर साव और उनके परिवार को घेर लिया। इस हमले में सोमर साव और उनके तीन वर्षीय पोते अमन साव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों सहित एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का इलाज रामगढ़ सदर अस्पताल में चल रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और अवैध खनन के कारण हाथियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है, जिससे वे गांवों में घुसने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते छह महीनों से हाथियों का झुंड रामगढ़-बोकारो सीमावर्ती इलाके में डेरा जमाए हुए है और लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि हाथियों को सुरक्षित वन कॉरिडोर में भेजने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी वजह से लगातार लोगों की जान जा रही है और फसल व घर भी बर्बाद हो रहे हैं।
वहीं, बोकारो के डीएफओ संदीप शिंदे ने बताया कि हाथी हमले में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और क्यूआरटी टीम हाथियों को भगाने में लगातार जुटी है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ और पश्चिम बंगाल से एक्सपर्ट टीम भी बुलाई गई है। डीएफओ ने लोगों से अपील की है कि रात में घर से बाहर न निकलें और बेहद जरूरी होने पर ही सावधानी के साथ बाहर जाएं।


