Ranchi: झारखंड में शहरी निकाय चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी शुरू से ही राज्य में नगर निकाय चुनाव नहीं चाहती थी और अब सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट से भड़की कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी सह महासचिव राकेश सिन्हा ने बाबूलाल मरांडी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मरांडी को “सिर्फ पीसी और सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नेता” बताते हुए कहा कि अब उनकी राजनीति और बयानबाजी को कोई गंभीरता से नहीं लेता है।
बीजेपी पर चुनाव बाधित करने का आरोप
राकेश सिन्हा ने कहा कि बीजेपी और उसके नेता शुरू से ही शहरी निकाय चुनाव में तरह-तरह से अड़चनें डालते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी बीजेपी ने चुनाव को रोकने के लिए हथकंडे अपनाए, लेकिन जब राज्य सरकार ने ट्रिपल टेस्ट कराकर और ओबीसी आरक्षण रोस्टर तैयार कर चुनाव का रास्ता साफ किया, तो बीजेपी नेताओं की बेचैनी बढ़ गई।
मतदाता सूची को लेकर उठे सवाल
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर नगर निकाय चुनाव 2024 की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाते हैं, तो इससे बाबूलाल मरांडी को आखिर आपत्ति क्यों है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को बेवजह तूल देकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
क्या था बाबूलाल मरांडी का सोशल मीडिया पोस्ट
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में दावा किया था कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव अक्टूबर 2024 की मतदाता सूची के आधार पर कराने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पिछले 15 महीनों में जुड़े नए मतदाता और स्थानांतरण कराने वाले मतदाता मतदान से वंचित हो जाएंगे। मरांडी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए चुनाव अद्यतन मतदाता सूची से कराने की मांग की थी।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने मरांडी के इस बयान को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए कहा कि बीजेपी का असली उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर शहरी निकाय चुनाव को प्रभावित करना है। कांग्रेस का दावा है कि सरकार पूरी पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


