Khunti: आज देर शाम हूटार के चलागी गांव स्थित पड़हा राजा सोमा मुंडा के आवास पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष सह विधायक जयराम महतो पहुंचे। उन्होंने सोमा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। जयराम महतो ने कहा कि सोमा मुंडा हत्याकांड को वे विधानसभा पटल पर मजबूती से उठाएंगे। 
मीडिया से बातचीत में जयराम महतो ने कहा कि पड़हा राजा जैसे आदिवासी नेता की हत्या कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि आदिवासी राज में आदिवासी की हत्या होना अत्यंत चिंताजनक है। इस मामले में सरकार को गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को और सख्त करने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। 
जयराम महतो ने कहा कि सोमा मुंडा कोई अकेले आदिवासी नेता नहीं हैं जिनकी जमीन विवाद में हत्या हुई हो। इससे पहले भी कई बड़े आदिवासी चेहरों और अन्य नेताओं की हत्याएं जमीन से जुड़े मामलों में हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में थानों की ‘नीलामी’ जैसी स्थिति है, जिसके कारण कुछ थानेदार केवल वसूली में लगे रहते हैं। इसी वजह से अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और पुलिस ऐसे गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने में पीछे रह जाती है।
जयराम महतो के पहुंचने की सूचना पर वैसे पीड़ित परिवार भी अपनी शिकायत लेकर सोमा मुंडा के घर पहुंचा जिस परिवार के एक एक सदस्य को पुलिस ने सोमा मुंडा हत्याकांड में जेल भेजा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी बात जयराम महतो के सामने रखी। इस दृश्य पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम महतो ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा देखा है कि जिस व्यक्ति की हत्या हुई है और जिस व्यक्ति को उस हत्या के मामले में जेल भेजा गया है, दोनों परिवार एक साथ बैठकर न्याय की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति स्वयं पुलिस की जांच और कार्रवाई पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। 
उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी मामलों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि असली हत्यारों की पहचान हो सके और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
गौरतलब है कि बीते सात जनवरी को खूंटी जिले के जमुआदाग के पास अपराधियों ने गोली मारकर पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है और असली दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लगातार आंदोलन जारी है।



