Deoghar : देवघर जिले के मधुपुर स्थित लालगढ़ में हुई हिंसक झड़प अब सियासी बहस का मुद्दा बन गई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पार्टी की जांच टीम में शामिल देवेंद्र कुंवर ने इस घटना को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक चाल बताया है।
भाजपा की छह सदस्यीय टीम के साथ मधुपुर पहुंचे जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि लालगढ़ की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो वह भारत का हिस्सा नहीं, बल्कि कोई अलग देश हो। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों से मिलने के दौरान एक बार फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि इलाके में बहुसंख्यक समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
विधायक कुंवर ने कहा कि स्थानीय लोग खौफ में हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बहुसंख्यक समाज के लोगों को शादी-विवाह जैसे आयोजनों में गाना-बजाना करने से रोका जाता है, जबकि दूसरे समुदाय के कार्यक्रमों में शोर-शराबे की खुली छूट दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि लोगों को यह डर सताता रहता है कि कहीं मारपीट कर उन्हें गांव छोड़ने या अपनी संपत्ति औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर न कर दिया जाए।
सरकार पर निशाना साधते हुए देवेंद्र कुंवर ने बिना नाम लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंत्री अक्सर बयानबाजी करते हैं, लेकिन मधुपुर की घटना पर अब तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में लोकप्रिय नेता हैं तो उनके विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर दिखाएं।
गौरतलब है कि शुक्रवार देर शाम भाजपा द्वारा गठित छह सदस्यीय टीम मधुपुर पहुंची थी, जिसमें विधायक नीरा यादव, मंजू कुमारी, देवेंद्र कुंवर, पूर्व विधायक नारायण दास, दिलीप वर्मा और सुनील पासवान शामिल थे। टीम ने पीड़ितों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह लालगढ़ में मंदिर निर्माण को लेकर दो गुटों में विवाद हुआ था, जो बाद में पत्थरबाजी में बदल गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मधुपुर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर लगातार गश्त शुरू कर दी है।


