Dhanbad : मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा जहां उत्साह और आनंद का प्रतीक है, वहीं चाइनीज मांझा इस खुशी को जानलेवा हादसों में बदल सकता है। यह न सिर्फ पतंग की डोर काटता है, बल्कि इंसान, पशु और पक्षियों की जिंदगी की डोर भी काट देता है।
प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक्री
एनजीटी द्वारा पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद धनबाद के झरिया बाजार, हीरापुर हटिया, पुराना बाजार और केंदुआ बाजार जैसे इलाकों में चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है। खासकर युवा वर्ग इसे इसलिए पसंद करता है क्योंकि यह मजबूत और सस्ता होता है, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इसकी तेज धार जानलेवा साबित हो सकती है।
कई युवाओं ने स्वीकार किया कि चाइनीज मांझा से वे खुद भी घायल हो चुके हैं। उनका मानना है कि जब तक इसकी बिक्री पर सख्ती से रोक नहीं लगेगी, तब तक इसका इस्तेमाल बंद होना मुश्किल है।
इंसान ही नहीं, बेजुबान भी शिकार
एनिमल वेलफेयर से जुड़े प्रताप राणा बताते हैं कि चाइनीज मांझा पशु-पक्षियों के लिए बेहद खतरनाक है। पक्षियों के पंख या पैरों में यह धागा फंस जाता है, जिससे उनकी तड़प-तड़प कर मौत हो जाती है। देश के कई हिस्सों से हर साल ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आती रहती हैं।

बार एसोसिएशन के सचिव अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने भी प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंध के बावजूद हो रही बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मकर संक्रांति पर धनबाद पुलिस की सख्त अपील
धनबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मकर संक्रांति को सुरक्षित, संवेदनशील और मानवीय तरीके से मनाएं। पुलिस ने साफ कहा है कि चाइनीज मांझा आम लोगों और खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक है। गले में चाइनीज धागा फंसने से गंभीर चोट या मौत तक की आशंका रहती है।
पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है पतंग उड़ाने में सिर्फ सामान्य सूती धागे का इस्तेमाल करें, किसी घायल पक्षी को देखें तो उसकी मदद करें या नजदीकी पशु चिकित्सालय/वन विभाग को सूचना दें, चाइनीज मांझा का उपयोग या बिक्री करते पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी
संदेश साफ है
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, न कि किसी की जान जोखिम में डालने के लिए। इसलिए मकर संक्रांति पर पतंग जरूर उड़ाएं, लेकिन जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ। चाइनीज मांझा से दूरी रखकर ही सुरक्षित और खुशहाल त्योहार मनाया जा सकता है।


