Hazaribagh : जिले में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रोन की मदद से अफीम की खेती का खुलासा किया है। हजारीबाग पुलिस ने चौपारण थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों में फैली करीब 50 एकड़ अफीम की फसल को नष्ट कर दिया। इस अभियान में पुलिस के साथ वन विभाग की टीम भी शामिल रही।
ड्रोन से हो रही है सुदूर इलाकों की निगरानी
अफीम की खेती पर लगाम लगाने के लिए हजारीबाग पुलिस अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। जिले के दुर्गम और जंगली इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। जैसे ही किसी क्षेत्र में अफीम की खेती की जानकारी मिलती है, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।
चौपारण के मोहनिया और दूरा गढ़ में कार्रवाई
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत चौपारण प्रखंड की दैहर पंचायत के मोहनिया और दूरा गढ़ क्षेत्र में अफीम की खेती का पता चला। ड्रोन सर्वे में लगभग 50 एकड़ भूमि पर अफीम की फसल लहलहाती मिली, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी फसल को नष्ट कर दिया।

नशे के कारोबार में शामिल लोगों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि अफीम की खेती और नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर अफीम की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
एसपी ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति अफीम की खेती करवाने की कोशिश करता है या कहीं ऐसी खेती की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहें तो लोग व्यक्तिगत रूप से भी एसपी को इसकी जानकारी दे सकते हैं।
वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील
हजारीबाग एसपी ने किसानों से अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई किसान वैकल्पिक खेती के जरिए अच्छी आमदनी कर रहे हैं और यही रास्ता सुरक्षित व टिकाऊ है। उल्लेखनीय है कि हजारीबाग का सीमावर्ती इलाका लंबे समय से अफीम की खेती को लेकर बदनाम रहा है, जिसे खत्म करने के लिए पुलिस और वन विभाग लगातार तकनीक आधारित अभियान चला रहे हैं।



