Ranchi : न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक ने झारखंड हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया है। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे लोकभवन स्थित बिरसा मंडप में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 28 नवंबर 2026 तक रहेगा।
गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री और न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद
शपथग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य सरकार के कई मंत्री, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित सभी गणमान्य लोगों ने न्यायमूर्ति सोनक को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश को दी गई विदाई
गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस तरलोक सिंह चौहान का कार्यकाल समाप्त हो गया था। उनके सम्मान में 8 जनवरी को फुल कोर्ट फेयरवेल रेफरेंस आयोजित कर उन्हें विदाई दी गई।
जानिए कौन हैं न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक
न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक का जन्म 28 नवंबर 1964 को हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोवा के पणजी स्थित डॉन बॉस्को हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद धेपे कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से बीएससी और एमएस कॉलेज ऑफ लॉ, पणजी से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने जेवियर सेंटर ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च से पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी किया है।

कानूनी करियर और न्यायिक अनुभव
अक्टूबर 1988 में न्यायमूर्ति सोनक महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय की पणजी पीठ में सिविल व संवैधानिक कानून, श्रम एवं सेवा कानून, पर्यावरण कानून, वाणिज्यिक एवं कर कानून, कंपनी कानून और जनहित याचिकाओं के क्षेत्र में व्यापक प्रैक्टिस की।
21 जून 2013 को उन्हें मुंबई उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2 मार्च 2016 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। अब झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति से न्यायिक व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


