Ranchi : नए साल से पहले रांचीवासियों को नगर निगम एक खास तोहफा देने जा रहा है। शहर में पहली बार एक अत्याधुनिक और सुव्यवस्थित नाइट मार्केट तैयार किया गया है, जो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के बाहर शुरू होगा। इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
नगर निगम की इस पहल का मकसद शहरवासियों को सुरक्षित और पारिवारिक माहौल में देर शाम तक घूमने-फिरने और खरीदारी का नया अनुभव देना है। नाइट मार्केट के लिए स्टेडियम के बाहरी हिस्से में विशेष प्लेटफॉर्म का निर्माण किया गया है, ताकि बाजार एक तय सीमा में ही संचालित हो और ट्रैफिक या अव्यवस्था की समस्या न हो।
खाने-पीने और खरीदारी का नया ठिकाना
नाइट मार्केट का सबसे बड़ा आकर्षण यहां लगने वाले फूड स्टॉल होंगे। यहां स्ट्रीट फूड, फास्ट फूड के साथ-साथ झारखंड के पारंपरिक व्यंजन भी लोगों को मिलेंगे। इसके अलावा स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के लिए भी स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे छोटे दुकानदारों और स्थानीय वेंडर्स को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
करीब एक करोड़ रुपये की लागत
रांची नगर निगम इस नाइट मार्केट के विकास पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इस राशि से प्लेटफॉर्म निर्माण, बेहतर लाइटिंग, बिजली-पानी की व्यवस्था, बैठने के लिए बेंच, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पूरे बाजार को घेराबंदी के साथ विकसित किया गया है, ताकि यह सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।

सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
नाइट मार्केट में सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम होंगे। पूरे इलाके में पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, फूड स्टॉल संचालकों को स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नगर निगम की टीम नियमित रूप से साफ-सफाई और हाइजीन की निगरानी करेगी।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि नाइट मार्केट को इस तरह डिजाइन किया गया है, ताकि लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिले। इसका उद्देश्य है कि रांचीवासियों को देर शाम एक ऐसा स्थान मिले, जहां वे परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकें और साथ ही स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा हो।
नगर निगम का मानना है कि नाइट मार्केट शुरू होने से रांची की शामें और ज्यादा जीवंत होंगी और यह जगह आने वाले समय में शहर की नई पहचान बन सकती है। भविष्य में इसे और विस्तार देने की भी योजना है।


