Ranchi : बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में झारखंड की राजधानी रांची में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विरोध में नारेबाजी की।
जिला स्कूल से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला विरोध मार्च
प्रदर्शनकारियों ने जिला स्कूल परिसर से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकाला। हाथों में झंडे और तख्तियां लिए कार्यकर्ता “हिंदू एकता” और “न्याय दो” जैसे नारे लगाते रहे। मार्च के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाकर बर्बर तरीके से हत्याएं की जा रही हैं।
बजरंग दल की चेतावनी, देशव्यापी आंदोलन का संकेत
बजरंग दल के रघुनाथ महतो ने कहा कि यदि केंद्र सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ ठोस और कड़ी कार्रवाई नहीं करती है, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल देशव्यापी बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब केवल विरोध नहीं, बल्कि निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की चुप्पी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को प्रधानमंत्री की कूटनीतिक विफलता करार देते हुए कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन भारत सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
विदेश नीति पर उठे सवाल, बीजेपी की चुप्पी पर तंज
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और नेपाल, भूटान, श्रीलंका के बाद अब बांग्लादेश भी भारत के प्रभाव से दूर होता जा रहा है। उन्होंने बीजेपी और प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि इस मुद्दे पर इसलिए चुप्पी है, क्योंकि वहां उन्हें कोई “वोट बैंक” नजर नहीं आता।



