Ranchi : मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और AICC सदस्य कमलेश्वर पटेल ने रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदले जाने को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान बताया और नेशनल हेराल्ड मामले को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया।
मनरेगा पर हमला लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 11 वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा को कमजोर कर रही है। पहले जहां इस योजना के तहत 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित था, वहीं अब यह सिमटकर 50–55 दिनों तक रह गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि कांग्रेस द्वारा कानून के रूप में दिया गया वह अधिकार है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा है और गरीबों के आत्मसम्मान की गारंटी देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलना सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि महात्मा गांधी की विचारधारा और गरीबों के अधिकारों को मिटाने की कोशिश है। पटेल ने भाजपा नेताओं को गोडसेवादी मानसिकता वाला बताते हुए कहा कि ऐसे लोग राष्ट्रपिता से नफरत करते हैं।
केंद्र–राज्य हिस्सेदारी बदलकर राज्यों पर बढ़ाया बोझ
पूर्व मंत्री ने कहा कि मनरेगा में पहले कुल खर्च का 90 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन नई व्यवस्था में इसे 60:40 कर दिया गया है। इससे राज्यों पर 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो उनकी वित्तीय स्थिति को कमजोर करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नई योजना ‘वीबी जी राम जी’ लाने से पहले राज्यों से कोई चर्चा नहीं की गई।
नेशनल हेराल्ड मामला राजनीतिक बदले की कार्रवाई
नेशनल हेराल्ड केस पर बोलते हुए कमलेश्वर पटेल ने कहा कि यह कोई आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा रचा गया राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले ने साफ कर दिया है कि न तो सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ, न किसी तरह की व्यक्तिगत संपत्ति की हेराफेरी। इसके बावजूद सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश की गई, जिसे न्यायपालिका ने खारिज कर दिया।
गांधी, नेहरू और अंबेडकर के बिना नया भारत संभव नहीं: केशव महतो कमलेश
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि गांधी, नेहरू और अंबेडकर की साझा विरासत पर ही भारत का लोकतंत्र और संविधान टिका है। भाजपा और आरएसएस चाहे जितनी कोशिश कर लें, इन नामों और विचारधाराओं को मिटाकर नया भारत नहीं गढ़ा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इन महान नेताओं के प्रति नफरत भाजपा-आरएसएस की राजनीति का केंद्रीय तत्व है।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, राजेश कच्छप, राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, जगदीश साहू सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा और नेशनल हेराल्ड मामले पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।


