Ranchi : रांची में खेले गए पहले वनडे मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 17 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की। इस मुकाबले में विराट कोहली ने 135 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच के बाद कोहली ने साफ कर दिया कि उनका पूरा ध्यान अब सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है।
कोहली इससे पहले टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। हाल ही की टेस्ट सीरीज में भारत की 0-2 की हार के बाद उनकी टेस्ट टीम में वापसी को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन रांची में उनके बेहतरीन प्रदर्शन और बयान ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया।
विराट को इस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके बयान के बाद जब उनसे वर्ल्ड कप खेलने के बारे में सवाल पूछा गया तो टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कहा कि जब कोहली इतने शानदार फॉर्म में हैं, तो ऐसे सवाल उठाने की कोई जरूरत नहीं है।
मैच के बाद कोहली ने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बताते हुए कहा कि उनकी तैयारी पूरी तरह मानसिक रहती है। उन्होंने कहा कि जब तक शरीर फिट रहता है और वे मानसिक रूप से शार्प महसूस करते हैं, तब तक उन्हें अपने खेल पर भरोसा रहता है। 37 साल की उम्र में रिकवरी के महत्व को समझते हुए वे मैच से पहले एक दिन का ब्रेक लेते हैं।
कोहली का कहना है कि उन्हें पता है कब आराम करना है और कब खेल पर ध्यान देना है। वे 300 से अधिक वनडे मैच खेल चुके हैं और उनके मुताबिक, यदि खिलाड़ी गेम के टच में है और नेट्स पर एक-दो घंटे सहज रूप से बल्लेबाजी कर पा रहा है, तो इसकी स्थिति अच्छी मानी जाती है।
अपनी शतकीय पारी पर बात करते हुए कोहली ने कहा कि शुरुआती 20-25 ओवर तक पिच अच्छी थी, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे धीमी होती चली गई। उन्होंने बताया कि वे सिर्फ गेंद की गति और लाइन-लेंथ के हिसाब से खेलना चाहते थे और अपने खेल का लुत्फ ले रहे थे।



