Latehar : झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) के दो उग्रवादियों ने बुधवार को लातेहार में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें सब-जोनल कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित शामिल हैं। यह कदम राज्य में नक्सली गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
ब्रजेश यादव पर पांच लाख रुपए का इनाम घोषित था और वह गुमला जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र के कठोकटवा गांव के निवासी हैं। अवधेश लोहरा लातेहार के हेरहंज थाना क्षेत्र के बंदुवा गांव से ताल्लुक रखते हैं। दोनों उग्रवादियों ने पलामू आईजी, जिला एसपी, CRPF और SSB कमांडेंट की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया। इस अवसर पर पुलिस ने उन्हें गुलदस्ता और प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया।
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि लातेहार जिले में पुलिस की लगातार कार्रवाई से नक्सलियों का आत्मसमर्पण बढ़ा है। इस वर्ष अब तक कुल 21 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी आग्रह किया कि वे हथियार डाल दें, अन्यथा पुलिस कार्रवाई में उनका सफाया हो सकता है। एसपी कुमार गौरव ने भी आम जनता और पुलिस प्रयासों की सराहना की।
एसपी ने बताया कि JJMP संगठन अब खत्म होने के कगार पर है और इसमें केवल चार-पाँच सदस्य बचे हैं, जो भाग रहे हैं। उन्होंने इन बचे हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने का आग्रह किया। पुलिस के निरंतर अभियानों के कारण ही नक्सली अब आत्मसमर्पण की ओर बढ़ रहे हैं और हिंसक घटनाओं में शामिल होने वाले कई सदस्य कानून के शिकंजे में फंस रहे हैं।
ब्रजेश यादव पिछले 20 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। वह पहले माओवादी संगठन में था और 2010 में जेल गया था। 2018 में रिहा होने के बाद उसने JJMP में शामिल होकर सब-जोनल कमांडर का पद संभाला। उसके खिलाफ बिशनपुर और चैनपुर थानों में कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अवधेश लोहरा के खिलाफ 5 मामले हैं। दोनों कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं।



