Ranchi : झारखंड राज्य ने गठन के 25 वर्षों में औद्योगिक, खनन और शिक्षा के साथ-साथ रोजगार सृजन और कौशल विकास में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। अब राज्य केवल कोयला और खनिज तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल और अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। सरकार ने 43 नियोजनालय, 74 सरकारी आईटीआई और 270 निजी आईटीआई संस्थान सक्रिय कर युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म झार-नियोजन पोर्टल के माध्यम से युवा घर बैठे रोजगार से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी कर सकते हैं। साथ ही, मॉडल कैरियर सेंटर (एमसीसी) में कैरियर काउंसलिंग, इंटरव्यू की तैयारी, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क पुस्तकालय और अध्ययन कक्ष उपलब्ध हैं। राज्य में रोजगार और कौशल विकास की यह संरचना युवाओं को रोजगार सृजन में सक्षम बना रही है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने 96 भर्ती कैंप और 78 रोजगार मेले आयोजित किए, जिनमें 10,631 युवाओं को रोजगार मिला। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब युवाओं को आवेदन और निबंधन के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। झार-नियोजन पोर्टल पर 7,456 नियोजक निबंधित हैं और अब तक 10,422 रिक्तियां अधिसूचित की जा चुकी हैं।
राज्य के 26 जिलों में नियोजनालय को मॉडल करियर सेंटर में अपग्रेड किया गया है। रांची का अवर प्रादेशिक नियोजनालय 2014-15 में पहला MCC बना था। इसके बाद घाटशिला, चांडिल, कुमारधुबी, बोकारो थर्मल, दुमका, देवघर, सरायकेला, सिमडेगा, लोहरदगा, गढ़वा, कोडरमा, रामगढ़, खूंटी, गिरिडीह, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, गुमला और डालटनगंज में MCC की स्थापना पूरी हो चुकी है।
सरकार युवाओं को केवल नौकरी दिलाने पर नहीं, बल्कि स्वरोजगार के योग्य बनाने पर भी जोर दे रही है। 74 सरकारी आईटीआई में 13,140 सीटें और 270 निजी आईटीआई में 47,032 सीटें उपलब्ध हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में सरकारी आईटीआई संस्थानों में 10,074 छात्रों का नामांकन हुआ। यह प्रयास राज्य में रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाई स्थापित कर रहा है।



