Ranchi : झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को “झारखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक, 2025” पर अपनी मंजूरी दे दी है। यह विधेयक राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में पारित हुआ था।
🔹 विधेयक का उद्देश्य: निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा
इस विधेयक का प्रमुख उद्देश्य एमएसएमई (MSME) क्षेत्र के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देना है। इसके तहत उद्योगों की स्थापना, संचालन और विस्तार की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब नए उद्यमों को विभिन्न सरकारी अनुमतियों और निरीक्षणों में छूट मिलेगी, जिससे स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को शुरू करना और चलाना पहले की तुलना में काफी आसान होगा।
🔹 सिंगल विंडो सिस्टम से होगी सुविधा
राज्य सरकार ने लाइसेंस और अनुमतियों की जटिल प्रक्रिया को खत्म करने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू करने का निर्णय लिया है। इस प्रणाली के तहत निवेशकों को सभी जरूरी स्वीकृतियां, पंजीकरण और क्लियरेंस एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त होंगी। इससे न केवल समय और संसाधन की बचत होगी, बल्कि उद्यमिता को गति मिलेगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
🔹 राज्य में बढ़ेगा निवेश और रोजगार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से झारखंड में एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे छोटे उद्योगों के विकास को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और राज्य में निजी निवेश का माहौल सशक्त बनेगा।
🔹 सरकार का लक्ष्य: आत्मनिर्भर झारखंड
राज्य सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य आत्मनिर्भर झारखंड का निर्माण करना है। इस दिशा में एमएसएमई को “आर्थिक विकास की रीढ़” मानते हुए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। यह विधेयक झारखंड को औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



