New Mumbai। क्रिकेट में कहा जाता है — “पकड़ो कैच, जीतो मैच।” 2 नवंबर 2025 की शाम नवी मुंबई के मैदान पर यही लाइन सच साबित हुई, जब भारत की अमनजोत कौर ने एक ऐसा कैच पकड़ा जिसे देखकर हर भारतीय फैन के मुंह से एक ही आवाज़ निकली — “ये कैच नहीं, वर्ल्ड कप था।”
वुल्फार्ट बनीं खतरा, अमनजोत बनीं उम्मीद
महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुल्फार्ट वही कर रही थीं, जो उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ किया था — शतक जमाकर टीम को जीत की ओर ले जाना। उन्होंने इस मैच में भी 101 रन बना डाले और भारत की जीत के बीच अकेली दीवार बन गईं।
लेकिन, भारत को वर्ल्ड कप जीतना था — और इसके लिए वुल्फार्ट का आउट होना जरूरी था। दीप्ति शर्मा का ओवर, इतिहास रचने वाला पलसाउथ अफ्रीका की पारी के 42वें ओवर में दीप्ति शर्मा की पहली गेंद वुल्फार्ट ने लॉन्ग-ऑन की ओर हवा में खेल दी। गेंद ऊपर उठी — और वहाँ थी अमनजोत कौर।
https://x.com/ICCAsiaCricket/status/1985049264549154851
वो बिजली की तरह अपनी बाईं ओर दौड़ीं, गेंद की लाइन में आईं, कैच हाथों में आया, लेकिन फिर फिसला… और जमीन पर गिरने से पहले उन्होंने दोबारा लपक लिया।
स्टेडियम में सन्नाटा — फिर खुशी का शोर। कमेंट्री बॉक्स से आवाज़ आई — “वो गिरने नहीं देंगी… क्योंकि ये सिर्फ कैच नहीं, वर्ल्ड कप है!”
भारत बना वर्ल्ड चैंपियन
इस कैच के साथ वुल्फार्ट का विकेट गिरा, और भारत का वर्ल्ड कप जीतने का 11 साल पुराना इंतजार भी खत्म हुआ। अमनजोत कौर का यह कैच अब भारतीय क्रिकेट की यादगार तस्वीरों में शामिल हो गया है, जैसे 1983 में कपिल देव का विव रिचर्ड्स वाला कैच, और 2024 T20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव का डेविड मिलर वाला कैच।
“वो कैच जो भारत की छाती चौड़ी कर गया” कपिल देव ने पुरुष वर्ल्ड कप दिलाया था, सूर्यकुमार ने ICC ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था, और अब अमनजोत कौर ने भारत की महिला टीम को पहली वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफी दिला दी।
वो पल, जब गेंद हवा में थी, पूरा देश सांस रोककर देख रहा था, और जब कैच लपका गया, पूरा भारत एक साथ चिल्लाया — “भारत चैंपियन है!”



