Ghatshila: झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने एक बार फिर बाबूलाल सोरेन पर भरोसा जताया है। दोनों ही प्रत्याशियों के बीच इस बार कांटे की टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है।
पिता के निधन के बाद सोमेश सोरेन घाटशिला की राजनीति में सक्रिय हुए हैं। बीते 13 अक्टूबर को उन्होंने अनुमंडल कार्यालय से नामांकन प्रपत्र खरीदा था। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव होगा, जिसमें वे झामुमो की टिकट पर मैदान में उतरेंगे। झामुमो कार्यकर्ताओं में उनके नाम को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
वहीं, भाजपा ने घाटशिला से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को उम्मीदवार बनाया है। बाबूलाल सोरेन पिछले विधानसभा चुनाव में झामुमो के प्रत्याशी रामदास सोरेन से हार गए थे। पार्टी ने इस बार उन्हें दोबारा मौका देते हुए चुनावी मुकाबले में उतारा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस उपचुनाव में दोनों ही सोरेन प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर होगी। एक ओर दिवंगत नेता की विरासत संभालते सोमेश हैं, तो दूसरी ओर भाजपा के युवा चेहरे बाबूलाल, जिन्हें पार्टी का पूरा समर्थन हासिल है। दोनों ही दलों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
इस बीच, झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन के नामांकन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे। 17 अक्टूबर को घाटशिला के दाहीगोड़ा सर्कस मैदान में झामुमो की नामांकन सभा आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।
सीएम हेमंत सोरेन दोपहर करीब 12:15 बजे हेलीकॉप्टर से दाहीगोड़ा सर्कस मैदान पहुंचेंगे। सभा में शामिल होने के बाद वे सोमेश सोरेन के साथ अनुमंडल कार्यालय जाकर नामांकन दाखिल करेंगे। कार्यक्रम को लेकर झामुमो कार्यकर्ताओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है।



