Ranchi : बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के काफिले पर तीन साल पहले हुए हमले के मामले में अदालत ने आरोपी सूरज कुमार को बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा। इस घटना में मंत्री के काफिले की कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई थीं। अदालत ने इसे पर्याप्त साक्ष्य की कमी का मामला बताया।
रांची की न्यायिक अदालत ने दस जून 2022 को मेन रोड पर हुई घटना का जिक्र करते हुए फैसला सुनाया। उस दिन मंत्री का काफिला शहर से गुजर रहा था। उपद्रवियों ने उनके वाहन पर हमला किया था। मंत्री निजी कार्यक्रम में भाग लेने रांची आए थे।
न्यायिक दंडाधिकारी मयंक मालियाज की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र कुमार ने पेश होकर आरोपित का पक्ष रखा। हमले के तीन दिन बाद लोअर बाजार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
घटना के समय मंत्री की गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने चार गवाह पेश किए, लेकिन घटना को साबित करने में सफल नहीं हो सका। अदालत ने बताया कि पर्याप्त प्रमाणों के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त किया गया।
आरोपित सूरज कुमार को आठ दिसंबर 2022 को जेल में रखा गया था। इसके बाद अभियोजन को ढाई साल से अधिक समय दिया गया ताकि वह घटना को साबित कर सके। इसके बावजूद आरोप सिद्ध नहीं हो पाए।
इस फैसले के बाद आरोपी अब कानूनी रूप से निर्दोष हैं। मंत्री नितिन नवीन ने मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि न्यायपालिका ने केवल सबूतों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया है। इससे मामले में अब अंतिम विराम लग गया है।



