Ranchi : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सक्रियता तेज हो गई है। मंगलवार, सात अक्टूबर को पटना में सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। पार्टी ने सीमावर्ती आदिवासी बहुल जिलों में अपनी मजबूत पकड़ का हवाला देते हुए कम से कम 12 सीटों पर दावेदारी जताई है। 
बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के साथ सीट बंटवारे और गठबंधन संबंधी रणनीति पर चर्चा होगी। झामुमो का मानना है कि बिहार के इन सीमावर्ती जिलों में उसका जनाधार मजबूत है और यह गठबंधन की जीत में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
महागठबंधन में सम्मानजनक तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। झामुमो अध्यक्ष एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी महासचिव विनोद पांडेय और राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को बैठक के लिए अधिकृत किया है। दोनों नेता राजद से सीधे बातचीत करेंगे।
विनोद पांडेय ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में संगठन मजबूत है और गठबंधन धर्म निभाते हुए भी अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं। बैठक में झामुमो की मांगों को स्पष्ट रूप से रखा जाएगा ताकि कोई विवाद न रहे और रणनीति पर सभी सहमत हों।
झामुमो ने 12 से 15 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का प्रस्ताव रखा है। इसमें तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रूपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई जैसी विधानसभाएं शामिल हैं।
यह बैठक झामुमो के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी बिहार में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है। सीटों का बंटवारा तय होने के बाद पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा करेगी और चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू करेगी।



