Khunti: एक बार फिर खराब सड़क के चलते खूंटी जिले का नाम बदनाम होता हुआ दिखा जहां ट्रक चालकों ने चंदा करके सड़क को दुरुस्त कराया जिसके बाद आवाजाही शुरू हो पाया।

दरअसल खूंटी सिमडेगा मुख्य सड़क पर पेलोल नदी पर बने पुल के टूटने के बाद से सभी छोटी बड़ी वाहन जो कुंजलामोड के रास्ते जुरदाग होते हुए अंगराबारी में जाकर मुख्य सड़क तक पहुंचता है, यह सड़क ग्रामीण सड़क है जिसपर भारी वाहनों के परिचालन से सड़के टूट कर बिखर चुकी है। सड़कों के दोनों किनारे और कहीं कहीं तो सड़क के बीचोबीच बड़े बड़े गढ्ढे हो गए हैं।

सड़कों पर हुए गड्ढों के चलते अबतक कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, इसी क्रम में दुर्घटना से बचने की कोशिश में ट्रक चालकों को बुधवार की दोपहर से हीं गाड़ी खड़ी कर के सड़क पार करने का इंतजार करना पड़ा। इस इंतजार के चलते सड़क के दोनों ओर डेढ़ से दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। इस समस्या के बावजूद स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा समस्या के समाधान का कोई उपाय नहीं किया गया।

ट्रक चालकों को मजबूर होकर खुद पहल करना पड़ा जहां जाम में फंसे सभी ट्रक चालकों ने सामूहिक रूप से चंदा करके कुछ पैसे इकट्ठे किए और फिर एक जेसीबी को बुलवाया जहां सड़क किनारे पहले से रखे हुए मैटेरियल को गड्ढे में डालकर सड़क दुरुस्त कराया गया और फिर लगभग बारह से पंद्रह घंटे बाद आज सुवह लगभग दस बजे ट्रकों का परिचालन शुरू हुआ और सभी ट्रक चालक अपने अपने मंजिल की ओर रवाना हुए।

ट्रक चालकों में कोई पंजाब से उड़ीसा जा रहे थे तो कोई उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ तो कोई जमशेदपुर से उड़ीसा जा रहे थे सभी लोगों ने खूंटी जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। चालकों ने बताया कि सभी लोग कल से इस जाम में फंसे हुए रहे लेकिन उनके मदद के लिये कोई आगे नहीं आए जिसके बाद मजबूरी में उनलोगों को चंदा करके पैसे का व्यवस्था कर जेसीबी बुलाकर सड़क को दुरुस्त करवाना पड़ा।

इस घटना ने सड़क निर्माण विभाग के साथ साथ स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बारह से पंद्रह घंटे तक जाम में फंसे चालकों के मदद के लिये कोई आगे क्यों नहीं आए जो खूंटी जिला का फजीहत करवाना कहा जा सकता है।



