Khunti: खूंटी-सिमडेगा मुख्य सड़क पर बनई नदी पर बने पुल के टूटने के बाद से वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग की जा रही ग्रामीण सड़कों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। लगातार भारी वाहनों के आवागमन से यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इसका खामियाजा आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है। 
आज फिर एक ट्रक जुरदाग के पास सड़क पर पलट गया। संयोग से कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पहले भी इसी जगह पर एक ट्रक पलट चुका है। कुछ दिन पहले एक अन्य ट्रक नाले में गिर गया था। अब तक कई वाहन गड्ढों और खराब सड़कों के कारण पलट चुके हैं। छोटे वाहनों और बाइक सवारों को भी आए दिन हादसों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बनई नदी पर बने पुल के टूटने के बाद कुंजला मोड़ से जुरदाग होते हुए अंगराबारी तक के मार्ग को वैकल्पिक सड़क के रूप में चिह्नित किया गया था। शुरू में यह सड़क सामान्य थी, लेकिन भारी वाहनों के लगातार चलने से यह टूटकर पूरी तरह खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, संकरे मोड़ और असमतल हिस्सों के कारण वाहन फिसलने और पलटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। 
इस समस्या से न केवल ग्रामीण बल्कि विद्यार्थी भी परेशान हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को रोज़ाना जान जोखिम में डालकर इस सड़क से गुजरना पड़ता है। कई बार साइकिल और बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुल के टूटने के महीनों बाद भी न तो पुल के निर्माण का कार्य शुरू हुआ है और न ही वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस पहल की गई है। प्रशासन की लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द पुल और वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत या निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके।



