Khunti: जरियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिमटिमड़ा में शनिवार को पुलिस टीम ने जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्यक्रम का आयोजन जरिया पंचायत की मुखिया सुनीता चोचा एवं स्थानीय समाजसेवियों की सहभागिता से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाएँ मौजूद रहीं।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को महिला उत्पीड़न, डायन-विषयी प्रथा, डायल-112 सेवा, सड़क सुरक्षा नियमों तथा अवैध अफीम की खेती के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। 
पुलिस टीम ने कहा कि आज के समय में महिला उत्पीड़न एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसके खिलाफ सभी को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। ग्रामीणों को बताया गया कि झारखंड में अब भी अंधविश्वास के नाम पर डायन बताकर महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है, जो न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि समाज के लिए कलंक भी है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
सड़क सुरक्षा पर जागरूक करते हुए पुलिस ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग जीवन रक्षा के लिए जरूरी है। वहीं, डायल-112 के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि यह सेवा आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता पाने का सबसे सरल माध्यम है। 
अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भी ग्रामीणों को आगाह किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफीम की खेती पूरी तरह अवैध है और इसके चलते न सिर्फ कानूनी कार्रवाई होती है बल्कि यह समाज में नशाखोरी और अपराध को भी बढ़ावा देती है।
पंचायत मुखिया सुनीता चोचा एवं समाजसेवियों ने भी ग्रामीणों को जागरूक रहने और हर सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की और विश्वास दिलाया कि वे समाज से कुरीतियों को समाप्त करने में सहयोग करेंगे।



