खूंटी: खूंटी के सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप मिश्रा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मुख्य सचिव व कार्मिक सचिव झारखंड को ज्ञापन प्रेषित कर जनहित में मांग किया है। जिसमें उन्होंने कहा है की, प्रखंड दिवस (ब्लॉक डे) में अक्सर देखा जा रहा है की झारखंड के सभी उपायुक्त द्वारा अपने मुख्यालय में बैठक का आयोजन कर B.D.O एवं C.O को प्रखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया जाता है सभी अंचल एवं प्रखंड पदाधिकारी अपने प्रखंड मुख्यालय को छोड़कर ब्लॉक डे में उपायुक्त द्वारा आयोजित बैठक में उपस्थित होते हैं।
जिससे आम ग्रामीण एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय में अपने समस्याओं का निराकरण करने के लिए आते हैं क्योंकि ग्रामीणों का समस्या का 50% समाधान प्रखंड एवं अंचल से ही संबंधित रहता है। ऐसी स्थिति में जिला के उपायुक्त द्वारा बैठक का आयोजन से उन ग्रामीणों के समस्याओं का समाधान करने में बाधा उत्पन्न होता है।
ग्रामीण निराश होकर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय से अपने घर वापस जाते हैं ग्रामीणों का समस्या का निदान प्रखंड स्तर पर ही अधिक से अधिक होने की गुंजाइश रहती है। ऐसी स्थिति में जिलों के उपायुक्त द्वारा जिला मुख्यालय में बैठक आयोजन करने से अंचल पदाधिकारी एवं प्रखंड पदाधिकारी को विवश होकर जिला मुख्यालय के बैठक में उपस्थित होना पड़ता है।
इसीलिए मुख्यमंत्री से आग्रह है की झारखंड के सभी उपायुक्त को अपने स्तर से निर्देशित करने की कृपा की जाए की ब्लॉक डे में जिला के उपायुक्त द्वारा विशेष परिस्थिति को छोड़कर ही बैठक का आयोजन कर सके ताकि अंचल एवं प्रखंड के पदाधिकारी को प्रखंड मुख्यालय छोड़ना नहीं पड़े। क्योंकि ग्रामीणों का समस्या का निदान प्रखंड एवं अंचल कार्यालय से ही संभव होता है।
और बहुत उम्मीद से प्रखंड दिवस पर ग्रामीण प्रखंड कार्यालय अपने विभिन्न समस्याओं को लेकर आते हैं और अगर पदाधिकारी प्रखंड में नहीं मिले तो निराश होकर ग्रामीण अपने घर को लौटते हैं ऐसे परिस्थिति में मुख्यमंत्री से मुख्य सचिव महोदय से एवं प्रधान सचिव कार्मिक से आग्रह है की झारखंड के सभी उपायुक्त को प्रखंड दिवस में जिला मुख्यालय में किसी तरह का बैठक का आयोजन नहीं करने का निर्देश दिया की जाए।जिला स्तर में बैठक आयोजन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण ही प्रभावित होते हैं पदाधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ता है।



