Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में चुनावी नतीजों से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि खासकर असम में उनकी पार्टी अहम भूमिका निभाने वाली है।
मनोज पांडेय ने कहा कि इस बार असम विधानसभा चुनाव में झामुमो ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा है और पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कोई भी सरकार झामुमो के समर्थन के बिना नहीं बन पाएगी। उनके मुताबिक, भाजपा इस बार बहुमत हासिल करने में सफल नहीं होगी।
वहीं पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि यह चुनाव “बंगाली अस्मिता” का चुनाव था और जनता ने बाहरी बनाम स्थानीय के मुद्दे पर वोट किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर सरकार बनाएगी।
केरल के बारे में उन्होंने कहा कि वहां मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है, लेकिन अंततः “सेकुलर ताकतों” की ही सरकार बनेगी। उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा वहां सत्ता की दौड़ में नहीं है।
तमिलनाडु को लेकर झामुमो प्रवक्ता ने भविष्यवाणी की कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) गठबंधन फिर से सत्ता में वापसी करेगा। वहीं पुदुचेरी में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गठबंधन को बढ़त मिलने की संभावना जताई।
मनोज पांडेय ने यह भी कहा कि असम में पहली बार गंभीरता से चुनाव लड़ने के बावजूद झामुमो ने वहां की जनता का विश्वास जीता है। उनका दावा है कि पार्टी का प्रदर्शन “चौंकाने वाला” हो सकता है और परिणाम आने के बाद उसकी भूमिका निर्णायक होगी।
कुल मिलाकर, चुनाव परिणाम से पहले झामुमो ने बड़े राजनीतिक संकेत दिए हैं। अब 4 मई को होने वाली मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है और किन राज्यों में किस दल या गठबंधन की सरकार बनती है।



