Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘महिला आरक्षण कानून-2023’ को लागू करने की मांग को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में अब 6 मई को लोकभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी तारीख पहले 4 मई तय की गई थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह प्रदर्शन महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार और समान प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है, जिसे अब और टाला नहीं जा सकता।
पार्टी के प्रवक्ता सोनाल शांति ने बताया कि राज्यभर में इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। अलग-अलग प्रमंडलों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, ताकि लोगों को महिला आरक्षण कानून से जुड़ी सच्चाई और उसकी जरूरत के बारे में बताया जा सके।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पोस्टकार्ड अभियान भी है, जिसके तहत महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड भेज रही हैं। इन पोस्टकार्ड्स में वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने और विशेष रूप से ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
झारखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ वर्ष 2023 में संसद से पारित हो चुका है, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर भाजपा द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि कानून पहले ही बन चुका है।
कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इसे लागू करने में देरी की है। पार्टी का मानना है कि यह शर्तें महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित करने का एक तरीका हैं, जबकि इस कानून को तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
अब 6 मई को प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस इस मुद्दे को और तेज़ी से उठाने की तैयारी में है। पार्टी के सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है, जिससे यह आंदोलन राज्य स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की कोशिश करेगा।



