Chaibasa : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। CoBRA 209 Battalion के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई घने जंगलों में चलाए जा रहे सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान सामने आई।
जानकारी के अनुसार, सारंडा जंगल और टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के रूटुगुटू इलाके में मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया। इस दौरान घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, कार्बाइन, मैगजीन और बड़ी संख्या में जिंदा व खाली कारतूस बरामद किए गए। साथ ही एक AK-47 का खाली केस भी मिला है, जो नक्सलियों की गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है।
सबसे अहम बरामदगी विस्फोटक सामग्री की रही। सुरक्षाबलों ने करीब 5 किलो जिलेटिन, डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर और अन्य विस्फोटक उपकरण जब्त किए हैं। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। समय रहते इस सामग्री की बरामदगी से एक बड़ा खतरा टल गया है।
इसके अलावा मौके से कई दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुई हैं, जिनमें बैग, पिट्ठू, पानी की बोतलें, बैटरी, हेडफोन, डेटा केबल, सिरिंज और अन्य सामान शामिल हैं। ये चीजें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि नक्सली लंबे समय तक जंगल में डेरा जमाने की तैयारी में थे और उनके पास संचार के भी साधन मौजूद थे।
मुठभेड़ में मारे गए नक्सली की पहचान अमृत उर्फ इजरायल पूर्ति के रूप में हुई है, जो कम उम्र में ही माओवादी संगठन से जुड़ गया था और अजय महतो दस्ते का सक्रिय सदस्य था। सुरक्षा कारणों से उसके शव को 48 घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए लाया गया, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
सूत्रों के मुताबिक, इलाके में अभी भी कुछ नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। बीच-बीच में रुक-रुक कर फायरिंग की भी खबरें मिल रही हैं, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नक्सली समूह हाल ही में सक्रिय हुआ था और कुख्यात नेता मिसिर बेसरा व अजय महतो के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री से नक्सलियों के नेटवर्क और उनकी भविष्य की योजनाओं को लेकर अहम सुराग मिलने की संभावना है।



