Khunti: कर्रा प्रखंड में ग्राम प्रधान संघ के भीतर जारी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को ग्राम प्रधान संघ कर्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जीपूटोली के ग्राम प्रधान करमा मुंडा एवं मानपुर के ग्राम प्रधान बिरसा मुंडा को संघ से निष्कासित करने की घोषणा की है।
संघ द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि दोनों ग्राम प्रधान लंबे समय से संघ की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे और नियमित बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे। इतना ही नहीं, दोनों पर संघ को कमजोर करने और उसे भंग करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है। संघ का कहना है कि ये दोनों अपने-अपने पंचायत स्तर पर अलग नेतृत्व चलाते हुए संघ के निर्णयों की लगातार आलोचना करते रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों ग्राम प्रधान निजी स्वार्थ के तहत पहले से गठित ग्राम प्रधान संघ को भंग कर नए सिरे से अध्यक्ष और सचिव का चयन करने की योजना बना रहे थे। संघ ने इसे “फूट डालो और शासन करो” की नीति करार देते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से पूरे संगठन की एकता को नुकसान पहुंच रहा है।
ग्राम प्रधान संघ कर्रा ने साफ किया कि संघ का संचालन उसके निर्धारित नियमों और सामूहिक निर्णयों के आधार पर ही होगा, न कि किसी एक व्यक्ति के मनमाने तरीके से। संघ ने यह भी दोहराया कि वर्तमान समय में संगठन ग्राम प्रधानों के अधिकार और मजबूती के लिए कार्य कर रहा है, ऐसे में किसी भी प्रकार की अंदरूनी साजिश या हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संघ के इस फैसले के बाद कर्रा प्रखंड के ग्राम प्रधानों के बीच हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद संगठन के भीतर मतभेद और गहराने की संभावना है, हालांकि संघ नेतृत्व ने अपने निर्णय को संगठन की एकता और अनुशासन के लिए जरूरी बताया है।



