Chhathra: झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। सदर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय अफीम तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध अफीम भी बरामद की है, जिससे तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनिमेश नैथानी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने सदर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और तस्करों को पकड़ने में सफलता पाई।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 1 किलो 319 ग्राम अवैध अफीम बरामद की। इसके अलावा तस्करों के पास से एक काले रंग की मारुति स्विफ्ट कार, विभिन्न कंपनियों के चार मोबाइल फोन और करीब पांच हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बड़ी मात्रा में अफीम की खेप को दूसरे राज्यों में खपाने की योजना बना रहे थे।
एसडीपीओ के अनुसार यह गिरोह चतरा के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकर जितनी रोड के रास्ते अफीम की सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस इलाके में सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें अफीम बरामद होने के बाद सभी आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड और पंजाब दोनों राज्यों के तस्कर शामिल हैं। चतरा के संतोष कुमार दांगी और रूपेश कुमार यादव के साथ-साथ पंजाब के जालंधर जिले के रहने वाले हरेंद्र सिंह और दविंद्रपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह चतरा के लावालौंग क्षेत्र से अफीम खरीदकर उसे पंजाब ले जाने की तैयारी में था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका लिंक किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।
इस पूरे अभियान में सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक शमी अंसारी, मनीष कुमार और कासिम अंसारी सहित सशस्त्र बल के जवानों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि जिले में अवैध तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।


