Hazaribagh : दनुआ घाटी में शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना में कुल 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सभी लोग एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही यह सफर उनका आखिरी सफर बन गया।
जानकारी के अनुसार, सभी मृतक धनबाद से शेरघाटी जा रहे थे। मृतकों में पांच लोग एक ही परिवार के सदस्य थे, जिससे इस हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। घटना की पुष्टि बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने की है, जिन्होंने बताया कि देर रात तक सभी शवों की पहचान कर ली गई।
मृतकों में शिव कुमार भुईयां, उनकी पत्नी रूबी कुमारी, उनकी दो बेटियां सोनी कुमारी और सुहानी कुमारी तथा उनके ससुर शामिल हैं। इसके अलावा वाहन चालक की भी इस हादसे में मौत हो गई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा घाटी की घुमावदार सड़क पर हुआ, जहां पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि सड़क पर किसी तेल जैसे पदार्थ के गिरने से फिसलन भी बनी हुई थी, जिसने हादसे को और गंभीर बना दिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंचे और घायलों को निकालने की कोशिश में जुट गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि दनुआ घाटी में आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। लोगों ने सड़क की स्थिति सुधारने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक अन्य सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण अब लोग इस घाटी को “मौत की घाटी” तक कहने लगे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर कब प्रशासन जागेगा और इन हादसों पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।



