Ranchi: झारखंड में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी और त्वरित सुनवाई के लिए नए लोकायुक्त की नियुक्ति की गई है। जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह राजधानी रांची स्थित लोकभवन में आयोजित हुआ, जहां राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह और राज्यसभा सांसद महुआ माजी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शपथ लेने के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने नए लोकायुक्त को पुष्पगुच्छ देकर शुभकामनाएं दीं। इसके बाद जस्टिस गुप्ता ने लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया और कार्यभार संभालते हुए अधिकारियों से विभागीय जानकारी ली।
कार्यालय निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोर्ट रूम, विभिन्न कक्षों और दस्तावेजों का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से लोकायुक्त अधिनियम की प्रति मंगवाई और कर्मचारियों से त्वरित कार्यप्रणाली को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
नवनियुक्त लोकायुक्त ने अपने पहले ही बयान में कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब तीन हजार मामले लंबित हैं और उनका प्रयास रहेगा कि इनका जल्द निपटारा किया जाए।
जस्टिस गुप्ता ने कहा कि वे अभी कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता पारदर्शिता और तेज न्याय सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
गौरतलब है कि जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता न्यायिक सेवा में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे 1997 में न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे और बाद में झारखंड उच्च न्यायालय के जज भी रहे हैं। उन्होंने चारा घोटाले जैसे चर्चित मामलों की सुनवाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब वे अगले पांच वर्षों तक झारखंड के लोकायुक्त के रूप में कार्य करेंगे। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।


