Breaking News

कर्रा प्रखंड में सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की पहल, ग्राम सभाओं को मिले वाद्य यंत्र

Khunti: कर्रा प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को आदिवासी कला केंद्र/धूमकुड़िया भवन के लिए चयनित ग्राम सभाओं को वाद्य यंत्रों का वितरण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के पारंपरिक कलाकारों को प्रोत्साहित करना और आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण को मजबूती प्रदान करना है। कार्यक्रम में चयनित ग्राम सभाओं के ग्राम प्रधान, पाहन एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित हुए, जिन्हें पारंपरिक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए।

इस अवसर पर खूंटी और तोरपा विधानसभा क्षेत्र के दोनों विधायक भी मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल को सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने के लिए वाद्य यंत्रों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई ग्रामीण कलाकार वाद्य यंत्रों के अभाव में अपने पारंपरिक नृत्य और संगीत से दूर होते जा रहे थे और आधुनिक डीजे संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा से मुलाकात कर इस योजना का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार करते हुए सरकार ने इसे धरातल पर उतारा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अब ग्रामीण शादी-विवाह, पर्व-त्योहार और अन्य सामाजिक आयोजनों में इन वाद्य यंत्रों का उपयोग कर अपनी परंपराओं को जीवित रखेंगे।

वहीं तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि स्थानीय कलाकार अपनी कला और संगीत के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हैं। वाद्य यंत्रों की उपलब्धता से न केवल उनके कौशल को निखारने में मदद मिलेगी, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल कलाकारों के विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, उन्होंने कलाकारों के निरंतर उत्थान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी स्मिता नगेशिया,अंचल अधिकारी अन्वेषा ओना, झामुमो जिला सचिव सुशील पाहन, केंद्रीय सदस्य मकसूद अंसारी, जिला उपाध्यक्ष सानिका बोदरा, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष शेख फिरोज, महादेव मुंडा एवं अनूप लकड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस पहल से क्षेत्र के आदिवासी कलाकारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे पारंपरिक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी।

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन

SWARAJ

त्योहार के मौकेपर धमाकेदार ऑफर

संपर्क करें:- खूंटी- 8210983506 तोरपा - 6203436010

Recent Posts

Tags

Edit Template

About

Print & Digital PR News Release Ranchi,

Recent Post