Pakur: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने निजी अस्पतालों में हो रहे कथित शोषण और अनियमितताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि केवल सरकारी अस्पतालों की खामियों को उजागर करने के बजाय निजी अस्पतालों की कमियों और मरीजों के शोषण को भी सामने लाया जाए। ऐसा करने वाले पत्रकारों और संस्थानों को सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए रवाना होने से पहले स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को पाकुड़ पहुंचे, जहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सरकारी अस्पतालों को ही बनाया जाता है निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके बावजूद मीडिया में अक्सर केवल सरकारी अस्पतालों की कमियों को ही प्रमुखता से दिखाया जाता है, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की आवश्यकता है।
निजी अस्पतालों में शोषण का आरोप
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य के कई निजी अस्पतालों में मरीजों से अत्यधिक शुल्क वसूला जाता है और कई प्रकार की अनियमितताएं होती हैं। इसके बावजूद इन मामलों पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि मीडिया इन खामियों को उजागर करता है, तो सरकार ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए अवार्ड प्रदान करेगी।
राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मंत्री ने बताया कि जल्द ही नई एंबुलेंस की खरीदारी की जाएगी। वर्तमान में कई एंबुलेंस लंबे समय से उपयोग में होने के कारण खराब हो चुकी हैं। नई एंबुलेंस के शामिल होने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।
सरकारी अस्पतालों को बनाया जाएगा हाईटेक
डॉ. अंसारी ने कहा कि राज्य के सभी सिविल सर्जनों को कर्मियों की कमी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शीघ्र ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में पाकुड़ में विशेष ओपीडी शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही, सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर “हाईटेक” बनाया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
मरीजों को रेफर करने के पीछे का कारण
सदर अस्पताल से गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि कई बार बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ के कारण डॉक्टर दबाव और भय महसूस करते हैं। यदि उपचार के दौरान मरीज की स्थिति बिगड़ती है, तो डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा की चिंता रहती है। उन्होंने जनता और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे डॉक्टरों का सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। निजी अस्पतालों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त बनाने के प्रयासों से झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
