Hazaribagh : झारखंड के हजारीबाग जिले में धान खरीद को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। धान खरीद केंद्रों की समय सीमा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपना धान नहीं बेच सके, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर इचाक प्रखंड के सैकड़ों किसान समाहरणालय पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। किसानों ने उपायुक्त और जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
किसानों का आरोप है कि प्रखंड के धान अधिप्राप्ति केंद्र में सीधे किसानों से धान खरीदने के बजाय बिचौलियों के माध्यम से खरीदारी की गई। उनका कहना है कि कई बार केंद्र का चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें टाल दिया गया, जिससे मजबूरी में उन्हें औने-पौने दामों पर अपना धान बेचना पड़ा।
कुछ किसानों ने उम्मीद में अपना धान घर में ही रखा, लेकिन 31 मार्च को खरीद की समय सीमा समाप्त हो जाने के कारण वे पूरी तरह नुकसान में चले गए। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के खिलाफ अन्य राज्यों से धान मंगाकर खरीदारी की गई, जिससे स्थानीय किसानों को अवसर नहीं मिला।
धान खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम यह रहा कि किसान लगातार केंद्रों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन समय पर खरीद नहीं हो सकी। गोदाम भरे होने, मिलर्स द्वारा समय पर धान नहीं उठाने और तकनीकी समस्याओं के कारण प्रक्रिया प्रभावित रही।
इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव ने कहा कि किसानों की शिकायत गंभीर है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलता है, तो उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई और भविष्य में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
