Dhanbad: धनबाद रेलवे डिवीजन ने एक बार फिर कमाई और माल ढुलाई के क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल कर देशभर में अपनी उत्कृष्ट छवि कायम रखी है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अखिलेश मिश्रा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा साझा करते हुए बताया कि मंडल माल ढुलाई, यात्री सेवाओं, सुरक्षा और आधारभूत संरचना में लगातार सुधार कर रहा है।
कोयले के परिवहन में नया कीर्तिमान
धनबाद रेल मंडल ने माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए 194.73 मिलियन टन कोयले का परिवहन किया, जो इसे देश का नंबर एक बनाता है। इस सूची में बिलासपुर रेल मंडल 194.05 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
राजस्व में भी शीर्ष पर
राजस्व के मामले में धनबाद मंडल ने 23,773.24 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जिससे यह देश का सबसे अधिक राजस्व देने वाला रेल मंडल बन गया। बिलासपुर मंडल 23,645.34 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
यात्री सेवाओं में भी बढ़त
यात्री सेवाओं में भी मंडल का प्रदर्शन बेहतर रहा। वित्तीय वर्ष में कुल 279.25 लाख यात्रियों ने धनबाद मंडल की सेवाओं का लाभ उठाया। यात्री किराए से मंडल को 529.88 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.88 करोड़ रुपये अधिक है।
इसके अलावा, बिना टिकट यात्रा और बिना बुक किए गए सामान के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में भी मंडल सफल रहा। कुल 3.64 लाख मामलों की पहचान कर 21.97 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
धनबाद रेल मंडल की यह उपलब्धि न केवल माल ढुलाई और कमाई में बल्कि यात्री सुरक्षा और सुविधा में भी इसके निरंतर सुधार की कहानी बयां करती है।


