Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुई बर्बर हत्या ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना से लोगों में गहरा आक्रोश है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग जोर पकड़ रही है। घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शहर बंद का ऐलान किया, जिसे स्थानीय लोग और व्यापारी पूरी तरह समर्थन दे रहे हैं।
बुधवार को हजारीबाग बंद के दौरान शहर के अधिकांश बाजार और प्रतिष्ठान बंद रहे। स्थानीय व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपने दुकानें बंद रखकर इस घटना के प्रति विरोध और आक्रोश जताया। सड़कों पर सन्नाटा छा गया और आम जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। लोग एकजुट होकर पीड़िता के लिए न्याय की आवाज बुलंद कर रहे थे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को चेतावनी दी थी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो हजारीबाग बंद किया जाएगा। उनका यह ऐलान शहर और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक असर दिखा रहा है। बंद के दौरान सांसद मनीष जायसवाल, बरही विधायक मनोज यादव समेत कई अन्य नेता भी सड़क पर मौजूद थे और जनता के साथ एकजुटता दिखाई।

घटना 25 मार्च की है, जब हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची का शव संदिग्ध स्थिति में मिला। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया और सबूत मिटाने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या की गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय बल्कि राज्यभर में गंभीर चिंता और निंदा पैदा की है।
भाजपा नेताओं ने 27 मार्च को पीड़ित परिवार का दौरा किया और उन्हें ढाढ़स बंधाया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, जबकि एसडीपीओ केवल औपचारिकता के लिए पहुंचे।
स्थानीय व्यवसायी बिनोद शर्मा ने बताया कि इस बंद का उद्देश्य राजनीतिक नहीं, बल्कि न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। बंद के दौरान शहर और आसपास के इलाकों में पुलिस और प्रशासन की सतर्कता भी बढ़ाई गई थी।
हजारीबाग बंद इस घटना के प्रति जनता के गहन आक्रोश और पीड़ित परिवार के समर्थन में एकजुटता का प्रतीक बन गया। नागरिकों ने साफ संदेश दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और न्याय की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रशासन पर दबाव बढ़ने के साथ अब पूरे जिले की निगाहें आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।


