Giridihi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) इस बार अपना स्थापना दिवस पारंपरिक तारीख 4 मार्च की बजाय 30 मार्च को मनाने जा रहा है। गिरिडीह में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे। समारोह को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर स्थानीय विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने झंडा मैदान पहुंचकर पंडाल और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि जेएमएम का स्थापना दिवस हर साल 4 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन इस बार उस दिन होली का त्योहार होने के कारण कार्यक्रम को स्थगित कर 30 मार्च को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पार्टी चाहती है कि अधिक से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक इस आयोजन में शामिल हो सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) के नेतृत्व में राज्य निर्माण के लिए लंबे समय तक संघर्ष चला। गिरिडीह को उनकी कर्मभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि इस जिले का आंदोलन में विशेष योगदान रहा है।
इस बार का स्थापना दिवस कई मायनों में खास है, क्योंकि यह पहला मौका होगा जब “गुरुजी” के बिना यह आयोजन किया जा रहा है। उनके निधन के एक वर्ष पूरा नहीं होने के कारण इस बार कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का सांस्कृतिक आयोजन नहीं रखा गया है।
पार्टी के अनुसार, इस आयोजन में मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे और हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहने की उम्मीद है। जेएमएम ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग पार्टी की विचारधारा से सहमत हैं, उनका संगठन में स्वागत किया जाएगा।


