Hazaribagh : हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर भक्तों का उत्साह चरम पर है। पूरे देश में जहां रामनवमी का पर्व पहले ही मनाया जा चुका है, वहीं हजारीबाग में इस पर्व का विशेष महत्व है और यहां जुलूस देर रात शुरू होकर लंबे समय तक चलता है। शनिवार रात करीब 8 बजे से शुरू हुआ जुलूस देर रात तक जारी रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
इस वर्ष शहर में लगभग 108 अखाड़ों की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही है। जुलूस में शामिल रामभक्त नाचते-गाते और पारंपरिक हथियारों के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का उल्लासपूर्वक उत्सव मना रहे हैं। हजारीबाग की रामनवमी का इतिहास करीब 100 से अधिक वर्षों पुराना है, जो इसे और भी खास बनाता है।
![]()
जुलूस के दौरान शहर ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठा है। जगह-जगह मंच बनाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा रहा है और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी हो रहा है। गांव से लेकर शहर तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो इस पर्व की भव्यता को दर्शाती है।
इस बड़े आयोजन को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। मुख्य नियंत्रण मंच जामा मस्जिद रोड के पास बनाया गया है, जहां जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि इस बार रामनवमी को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है और अब तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से पेयजल सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
वहीं पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने कहा कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं।
कुल मिलाकर, हजारीबाग में रामनवमी का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा की झलक भी प्रस्तुत करता है, जिसमें पूरे जिले का उत्साह देखने लायक है।



