Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों के साथ अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से जनता से सीधे संवाद किया। रांची में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हरमू निगम पार्क में भाजपा हरमू मंडल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ टीवी पर प्रसारित इस कार्यक्रम को देखा।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने बताया कि प्रधानमंत्री हर महीने की आखिरी रविवार को देशवासियों के साथ इस संवाद के माध्यम से प्रेरक कहानियों और सामयिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हैं। उन्होंने कहा कि आज मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से उत्पन्न चुनौतियों का सामना देश को उसी तरह करना होगा, जैसा कोरोना काल में पूरे भारत ने मिलकर किया था।
बाबूलाल मरांडी ने अफवाहों से सतर्क रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व ईंधन संकट जैसे मामलों पर अफवाह फैलाकर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि देश में डीजल, पेट्रोल या एलपीजी की कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों से दूर रहने की आवश्यकता है। मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री देशवासियों की भलाई के लिए चिंतित हैं और हमें उनके संदेश को समझकर संयम और धैर्य बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि भारत हमेशा से शांति का पुजारी रहा है और इस युद्ध में भारत की कोई भूमिका नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 140 करोड़ जनता के सामूहिक प्रयास से देश किसी भी चुनौती को पार कर सकता है और विजय प्राप्त कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट और अफवाहों से बचने के साथ-साथ “ज्ञान भारतम एप” का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से लोगों ने हजारों पांडुलिपियां साझा की हैं। उन्होंने युवाओं को “मेरा युवा भारत” संगठन से जोड़कर पॉजिटिव गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
पीएम मोदी ने जल संरक्षण, फिशरीज सेक्टर में हो रहे सुधार और वाराणसी में एक घंटे में 2,51,000 पौधों के रोपण जैसी उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और सोलर ऊर्जा से जुड़े बदलावों के उदाहरण पेश किए। गुजरात, मेरठ, जयपुर और त्रिपुरा के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने सोलर ऊर्जा क्रांति में जुड़ने और दूसरों को जोड़ने का संदेश दिया।
बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री के इन प्रेरणादायक उदाहरणों से हमें सीख लेनी चाहिए और सकारात्मक प्रयासों में शामिल होकर देश और समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।


