Dhanbad: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी की योजना का खुलासा किया है। मंगलवार को धनबाद स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में पेश हुए जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पार्टी बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में 5 से 10 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
अदालत में पेशी के दौरान जयराम महतो बोकारो जिले के सियालजोड़ी थाना में दर्ज एक मामले की सुनवाई में शामिल हुए। यह मामला 27 नवंबर 2023 को वेदांता स्टील प्लांट में मजदूरों के नियोजन को लेकर हुए आंदोलन से जुड़ा है। विधायक ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया और कहा कि आंदोलन के दिन वे वहां मौजूद नहीं थे। महतो के अनुसार आंदोलन स्थल पर लगे बैनर में उनकी तस्वीर होने के कारण उन्हें गलत तरीके से नामजद किया गया।
इस दौरान जयराम महतो ने झारखंड की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया विधानसभा बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि राज्य के मुखिया को सभी धर्मों और वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए। महतो ने आरोप लगाया कि सदन में दिया गया बयान तथ्यों पर आधारित नहीं था और ऐसा प्रतीत होता है कि यह ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ से प्रभावित था।
जयराम महतो ने जोर देकर कहा कि किसी भी धर्म या वर्ग की भावनाओं को आहत करने से बचना चाहिए और सभी के प्रति समान दृष्टिकोण बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना था कि राजनीतिक नेतृत्व में संतुलित और संवेदनशील दृष्टिकोण होना राज्य की स्थिरता और विकास के लिए अनिवार्य है।
बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि JLKM जंगलमहल क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह इलाका सांस्कृतिक रूप से झारखंड से जुड़ा हुआ है और पार्टी वहां प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करेगी। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी इस क्षेत्र में 5 से 10 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।
असम विधानसभा चुनाव को लेकर जयराम महतो ने फिलहाल किसी भी योजना से इंकार किया। उनका कहना था कि असम भौगोलिक रूप से काफी दूर है और जब उनके पास पर्याप्त संसाधन, जैसे हेलिकॉप्टर और मजबूत संगठनिक ढांचा, उपलब्ध होंगे, तभी वे वहां चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे।
महतो के इस बयान से साफ हो गया कि JLKM इस बार बंगाल में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना में है, लेकिन दूर-दराज के राज्यों में पार्टी की चुनावी गतिविधियां फिलहाल सीमित रहेंगी। उनका फोकस जंगलमहल क्षेत्र में चुनावी पकड़ मजबूत करने और झारखंड से जुड़े सांस्कृतिक-सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देने पर रहेगा।


