Latehar: झारखंड के लातेहार जिले में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने झारखंड से लेकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिससे नक्सलियों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस अभियान में जिला पुलिस, सीआरपीएफ और सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीमें शामिल हैं। सशस्त्र सीमा बल की 32वीं बटालियन की पांच कंपनियां भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सुरक्षा बलों ने जंगलों में घेराबंदी कर नक्सलियों को चारों ओर से दबोचने की रणनीति बनाई है।
केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में लातेहार जिले में अभियान को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि अब नक्सलियों की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त कर दी गई है, जिससे उनकी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, फिलहाल जिले में माओवादी संगठन के तीन और जेजेएमपी के दो नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनमें इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर पुलिस की विशेष नजर है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में सघन अभियान चला रही हैं।
इस अभियान को लेकर राजेश सिंह (कमांडेंट, SSB 32वीं बटालियन) ने कहा कि नक्सलियों के पास अब बहुत कम समय बचा है। उनके अनुसार, लगातार दबाव और सप्लाई लाइन टूटने के कारण नक्सली कमजोर स्थिति में पहुंच चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नक्सलियों के सामने अब केवल एक ही विकल्प बचा है—आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना। सरकार की ओर से सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के परिजनों से भी अपील की है कि वे उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करें। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अभियान जारी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होने के संकेत दिए जा रहे हैं।


