Ranchi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के झारखंड दौरे की संभावना जताई जा रही है। वे पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में आयोजित कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल हो सकते हैं।
यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 22 मार्च से 31 मार्च तक चाईबासा स्थित टीआरटीसी में आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में झारखंड और ओडिशा के नवचयनित जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम की जानकारी झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। इसमें पार्टी के इतिहास, संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं से संवाद, नेतृत्व क्षमता और जनसंपर्क जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को फील्ड विजिट के जरिए आम लोगों से जुड़ने का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा।
शिविर में ओडिशा के 35 और झारखंड के 25 जिला अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण देंगे, जिनमें अजय कुमार लल्लू, भक्त चरण दास और राधाकृष्ण किशोर समेत कई अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर पूरे देश में चलाए जा रहे “संगठन सृजन अभियान” का हिस्सा है। इसका मकसद पार्टी के ढांचे को मजबूत करना और नए जिला अध्यक्षों को बेहतर नेतृत्व के लिए तैयार करना है।
इसी दौरान योगेंद्र साव के निष्कासन पर भी प्रतिक्रिया देते हुए केशव महतो कमलेश ने कहा कि वे लगातार पार्टी अनुशासन का उल्लंघन कर रहे थे। उन्हें कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन सुधार नहीं होने पर पार्टी ने कार्रवाई की।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और जो भी नेता लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राहुल गांधी वास्तव में इस शिविर के समापन समारोह में शामिल होते हैं या नहीं।


