Khunti: खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित कर्रा बगीचा में सोमवार को चिह्नित झारखंड आंदोलनकारियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता फ्रेंकलिन धान ने की। बैठक में आगामी 10 मार्च को झारखंड आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को लेकर रणनीति बनाई गई। 
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौरान संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को जेल जाने की बाध्यता समाप्त की जाए तथा सभी चिह्नित आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन निर्गत किया जाए। इसके साथ ही उनके आश्रितों को अन्य सरकारी लाभ उपलब्ध कराने और सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई।
आंदोलनकारियों ने यह भी मांग की कि चिह्नित आंदोलनकारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए तथा आवागमन के लिए मुफ्त यातायात सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें विभिन्न कार्यों के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 10 मार्च से राज्य विधानसभा के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन में खूंटी जिले के सभी झारखंड आंदोलनकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का आह्वान किया गया।
बैठक के बाद झारखंड आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्रा अंचल अधिकारी को उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों से अवगत कराया। बैठक में मुख्य रूप से नासरी तिडू, जीवन मुंडा, मनोहर एक्का, नूतन तिडू, बंधनी मुंडाइन, सिरिया मुंडाइन, मुनी धान, अमरूस होरो, बिरसा मुंडा, समसोन तिडू, अमृत एक्का सहित अन्य झारखंड आंदोलनकारी मौजूद रहे।



