Ranchi: रांची में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन अवैध अफीम की खेती का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। प्रश्नकाल के दौरान झामुमो विधायक Hemlal Murmu ने राज्य में बढ़ती अफीम की खेती को लेकर सरकार से कड़े सवाल पूछे। उन्होंने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि अगर इस अवैध खेती में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की चर्चाएं सामने आती रही हैं, तो अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि वर्ष 2024-25 में राज्य के विभिन्न जिलों में करीब 27,051 एकड़ में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यह सही है कि मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस की भूमिका की जांच पहली बार की जा रही है। इस पर सरकार की ओर से प्रभारी मंत्री Yogendra Prasad ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य में लगातार अभियान चलाकर अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया जा रहा है और संबंधित एजेंसियां इस पर नजर रखे हुए हैं।
मंत्री ने बताया कि Narcotics Control Bureau (एनसीबी) रांची की ओर से राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी में संभावित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। इस पर जिला स्तर से रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन अब तक किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता का कोई ठोस मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि 2024-25 में अलग-अलग जिलों में 27,051 एकड़ में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया गया है।
इस दौरान हेमलाल मुर्मू ने पिछले वर्षों के आंकड़े भी सदन में रखे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 2,871 एकड़, 2022-23 में 5,494 एकड़ और 2023-24 में 4,853 एकड़ में अफीम की खेती को नष्ट किया गया था। लेकिन 2024-25 में यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 27,051 एकड़ हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस खेती पर सरकार की रोक है, तो इतनी बड़ी मात्रा में खेती आखिर किसके सहयोग से हो रही है और इस दौरान कितने लोगों पर कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी भी दी जानी चाहिए।
इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और नियमित रूप से जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ पहले शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा और जवाब के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं विधायक हेमलाल मुर्मू ने दावा किया कि इतने बड़े स्तर पर अफीम की खेती बिना पुलिस विभाग की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकती, इसलिए पूरे मामले की गहन जांच जरूरी है।


