Garhwa: झारखंड के गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल को एक बड़ी सौगात मिली है। लोहवा पुल के पास नवनिर्मित जैव विविधता उद्यान (नक्षत्र वन) का औपचारिक उद्घाटन स्थानीय विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने किया। इस गौरवपूर्ण क्षण में उनके साथ वन संरक्षक प्रवेश अग्रवाल, डीएफओ एबिन बेनी अब्राहम और प्रमुख लिलावती देवी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह पार्क न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण संतुलन में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
पर्यावरण संरक्षण और जिले की ‘शान’
उद्घाटन के दौरान विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने इस पार्क को गढ़वा जिले की शान बताया। उन्होंने प्रकृति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण के साथ हो रही छेड़छाड़ ने मानव अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। विधायक ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस उद्यान का और विस्तार किया जाए और यहाँ अधिक से अधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित हो। उन्होंने जनता से अपील की कि वे प्रकृति की गोद में बैठकर इस भव्यता का आनंद लें और इसे सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
तीन चरणों में हुआ 6 करोड़ का निर्माण
दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) एबिन बेनी अब्राहम ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया गया है। झारखंड सरकार और वन विभाग द्वारा फरवरी 2024 में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट पर अब तक लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस पार्क का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को प्रकृति के करीब लाना और उन्हें पृथ्वी पर मौजूद जीवन की विविधताओं को समझने के लिए एक शांत और सुंदर स्थान प्रदान करना है।
आधुनिक सुविधाएं और प्राकृतिक आकर्षण
यह जैव विविधता उद्यान बच्चों और वयस्कों, दोनों के लिए समान रूप से आकर्षक है। इसमें दुर्लभ औषधीय पौधों की प्रजातियां, बांस के वन और एक आधुनिक विज्ञान केंद्र बनाया गया है। मनोरंजन और ज्ञान के लिए यहाँ रंगमंच, बाल वन, वन चेतना केंद्र, संजीवनी, महुआ पॉइंट और लता मंडप विकसित किए गए हैं। शाम के समय प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष ‘सनसेट पॉइंट’ बनाया गया है, जहाँ से सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य देखा जा सकता है।
सांस्कृतिक विरासत और महापुरुषों की प्रेरणा
पार्क न केवल प्राकृतिक रूप से समृद्ध है, बल्कि यहाँ झारखंड की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक भी देखने को मिलती है। उद्यान परिसर में भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हु, नीलांबर-पीतांबर और भगवान गौतम बुद्ध की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। विधायक ने अंत में आग्रह किया कि आगंतुक पार्क के नियमों का पालन करें और इसे स्वच्छ रखने में सहयोग दें, ताकि जैव विविधता का यह संदेश समाज के हर नागरिक तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।



