Khunti: खूंटी नगर पंचायत चुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। बीजेपी समर्थित अध्यक्ष पद की उम्मीदवार रानी टूटी के पक्ष में पार्टी के दिग्गज नेताओं का लगातार खूंटी दौरा जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा पहले ही चुनावी मैदान में उतरकर कार्यकर्ताओं में जोश भर चुके हैं। इसी क्रम में झारखंड प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल नाथ सहदेव ने खूंटी पहुंचकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। 
अपराधियों का मनोबल बुलंद, सरकार बेबस
प्रतुल नाथ सहदेव ने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध बेलगाम हो गया है और अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है। हाल के दिनों में बच्चा चोरी की घटनाओं में वृद्धि को उन्होंने बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि प्रशासन इस पर नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि दुष्कर्म की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिनमें आदिवासी महिलाओं और युवतियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है।
“नक्सलवाद गया, अब संगठित अपराध का राज”
खूंटी जिले की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक समय यह जिला नक्सलवाद की छाया में था, लेकिन अब नक्सल प्रभाव कम होने के बाद संगठित अपराध ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। मानव तस्करी, बच्चा चोरी, हत्या और अवैध धंधों में तेजी से इजाफा हुआ है।
उन्होंने बालू चोरी को जिले की गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि खुलेआम अवैध खनन और परिवहन हो रहा है। यह सब प्रशासन की मिलीभगत या लापरवाही के बिना संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्थिति नियंत्रण में थी, लेकिन वर्तमान सरकार में अपराध दर में 23 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
सोमा मुंडा की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब दिनदहाड़े हत्या हो रही हो और अपराधी बेखौफ घूम रहे हों, तो यह साफ संकेत है कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।
चुनाव में देरी से 2100 करोड़ का नुकसान
प्रतुल नाथ सहदेव ने नगर निकाय चुनाव तीन वर्षों तक टालने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि समय पर चुनाव हो जाता तो केंद्र सरकार से झारखंड को लगभग 2100 करोड़ रुपये मिलते, जिससे शहरों के विकास कार्यों को गति मिलती।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर चुनाव को टालते हुए राज्य के विकास को रोक दिया। भाजपा द्वारा लगातार आंदोलन और न्यायालय की फटकार के बाद ही सरकार चुनाव कराने को मजबूर हुई। यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता विकास नहीं, बल्कि सत्ता बचाना है।
जनता बदलाव के मूड में
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद तोरपा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने भी जिले में बढ़ते अपराध और अवैध गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बालू चोरी, मानव तस्करी और हत्या जैसी घटनाओं से लोग भयभीत हैं और प्रशासन मौन है।
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद कुमार ने दावा किया कि नगर पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि जनता अब वर्तमान सरकार की नाकामियों से त्रस्त है और बदलाव चाहती है। भाजपा की जीत से शहरी क्षेत्रों में पारदर्शी और समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रतिष्ठा की लड़ाई बना चुनाव
खूंटी नगर पंचायत चुनाव अब स्थानीय मुद्दों से आगे बढ़कर राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। लगातार हो रहे बड़े नेताओं के दौरे से साफ है कि भाजपा इस चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है। आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और भी तीखा होने की संभावना है।



