Ranchi: बिहार में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब Bharatiya Janata Party ने मिशन पश्चिम बंगाल पर फोकस बढ़ा दिया है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए झारखंड के करीब दो दर्जन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।
जानकारी के मुताबिक, जिन बड़े नेताओं को चुनावी कमान सौंपी जा रही है, उनमें Babulal Marandi, Arjun Munda, Champai Soren, Madhukoda, Sanjay Seth और C.P. Singh सहित कई विधायक, पूर्व विधायक और सांसद शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल से सटे झारखंड के जिलों के नेताओं को विशेष जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि ये नेता चुनाव प्रबंधन, बूथ स्तर की रणनीति और प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
भाजपा का आरोप
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अविनेष कुमार सिंह का कहना है कि पश्चिम बंगाल में मौजूदा सरकार की कार्यशैली से जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है और भाजपा वहां बदलाव का विकल्प पेश करेगी।
राज्य में सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress की नेता और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर भी भाजपा ने निशाना साधा है।
जेएमएम का पलटवार
इधर, Jharkhand Mukti Morcha (जेएमएम) ने भाजपा की इस रणनीति पर तंज कसा है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि पहले भी भाजपा के नेता पश्चिम बंगाल गए थे, लेकिन नतीजा ‘सिफर’ रहा।
उन्होंने दावा किया कि झारखंड के नेताओं के दौरे से चुनाव परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही यह भी कहा कि भाजपा को पहले असम जैसे राज्यों में अपनी स्थिति संभालनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि पश्चिम बंगाल की चुनावी जंग में झारखंड के नेताओं की एंट्री भाजपा को कितना फायदा पहुंचाती है, या फिर यह सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहती है।


