Khunti: खूंटी नगर पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल दिन-प्रतिदिन गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा के 83 वर्षीय परपोते सुखराम मुंडा भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रानी टूटी को समर्थन देने खूंटी पहुंचे। उनके आगमन से चुनावी माहौल में विशेष उत्साह देखने को मिला।

रानी टूटी के चुनावी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सुखराम मुंडा ने कहा कि रानी टूटी एक अनुभवी और जनसेवा के प्रति समर्पित प्रत्याशी हैं। उन्होंने बताया कि रानी टूटी पूर्व में नगर पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं और सेवानिवृत्त शिक्षिका के रूप में समाज में उनकी अच्छी पहचान है। “उनका अनुभव और कार्यशैली ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। खूंटी के सर्वांगीण विकास के लिए रानी टूटी जैसी सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी जनता रानी टूटी को भारी मतों से विजयी बनाएगी और नगर के विकास को नई दिशा मिलेगी।
द्रौपदी मुर्मू को दिया था राष्ट्रपति बनने का आशीर्वाद
पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुखराम मुंडा ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता। उन्होंने बताया कि जब द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल थीं और भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु आई थीं, तब उन्होंने उन्हें राष्ट्रपति बनने का आशीर्वाद दिया था। आज वे देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं, इससे साबित होता है कि बुजुर्गों का आशीर्वाद फल जरूर देता है।
सुखराम मुंडा के इस बयान पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। उनके आगमन को भाजपा कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक क्षण बताया और इसे चुनाव में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा।
कई नेता रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रत्याशी रानी टूटी के साथ नगर पंचायत चुनाव के संयोजक काशीनाथ महतो, भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष ओपी कश्यप, रूपेश जायसवाल सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और समर्थक मौजूद थे। सभी ने सुखराम मुंडा का स्वागत करते हुए उनके आशीर्वाद को अपने लिए प्रेरणास्रोत बताया।
रानी टूटी ने भी सुखराम मुंडा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनता के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी। उन्होंने खूंटी नगर के विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया।
खूंटी नगर पंचायत चुनाव में सुखराम मुंडा के समर्थन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं, लेकिन चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है।



