Dhanbad: कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता की मिसाल उस समय देखने को मिली जब सड़क दुर्घटना में घायल छात्राओं को समय पर उपचार दिलाकर शिक्षकों ने न सिर्फ संभाला, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाते हुए बोर्ड परीक्षा में भी शामिल कराया। इस सराहनीय कार्य के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan ने सभी संबंधित लोगों को समाहरणालय बुलाकर शॉल देकर सम्मानित किया।
परीक्षा के रास्ते में हुआ हादसा
शुक्रवार सुबह कतरास स्थित राजेंद्र कन्या मध्य विद्यालय की 11 छात्राएं मारुति ओमनी से अंग्रेजी की मैट्रिक परीक्षा देने K.B.R. High School Mahuda जा रही थीं। सुबह करीब 8:45 बजे सिनिडीह मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी।
हादसे में दो छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि अन्य को हल्की चोटें आईं।
तुरंत उपचार, फिर परीक्षा
सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। सभी छात्राओं का प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद शिक्षकों ने उनका हौसला बढ़ाया और सुनिश्चित किया कि वे परीक्षा से वंचित न रहें।
गंभीर रूप से घायल छात्राओं के लिए परीक्षा केंद्र में अलग विशेष कक्ष की व्यवस्था की गई, जहां चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में उन्होंने परीक्षा दी।
डीसी ने की सराहना
इस मानवीय पहल के लिए उपायुक्त आदित्य रंजन ने के.बी.आर. हाई स्कूल महुदा के शिक्षकों, छत्रुटांड पंचायत के मुखिया, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य सहयोगियों को सम्मानित किया।
उपायुक्त ने कहा कि यह घटना सिर्फ कर्तव्यपरायणता का उदाहरण नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है—जहां संवेदना और जिम्मेदारी साथ-साथ चलती है।
हादसे के बावजूद छात्राओं का हौसला और शिक्षकों की तत्परता इस बात का संदेश देती है कि मुश्किल हालात भी दृढ़ इच्छाशक्ति को रोक नहीं सकते।


