Jamtara: एसबीआई योनो के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन और आठ फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
डिमवाडीह गांव में छापा, चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के डिमवाडीह गांव स्थित बास झुड़ के पास संचालित साइबर ठगी के अड्डे पर छापेमारी की। मौके से इब्राहिम अंसारी, हुसैन अंसारी, शाकिर अंसारी और सिराज अंसारी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर क्षेत्र के निवासी हैं। इब्राहिम अंसारी पांडेयडीह थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जो जामताड़ा आकर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दे रहा था।
एसपी के मोबाइल पर भेजी गई फर्जी APK फाइल से खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब जामताड़ा एसपी के मोबाइल पर योनो एप की फर्जी APK फाइल भेजकर ठगी करने का प्रयास किया गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और साइबर थाना की टीम ने ट्रैकिंग शुरू की। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह को पकड़ा गया।
योनो अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खुद को एसबीआई योनो का अधिकारी बताकर ग्राहकों को फोन करते थे। व्हाट्सएप कॉल के जरिए कहते थे कि आपका योनो अपडेट नहीं है। इसके बाद व्हाट्सएप पर फर्जी APK फाइल भेजकर ग्राहकों को डाउनलोड करने के लिए कहते थे। फाइल इंस्टॉल होते ही वे मोबाइल हैक कर बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
लाखों की ठगी की आशंका
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। जब्त मोबाइल और सिम कार्ड की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
एसपी का बयान
एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि उनके मोबाइल पर आए फर्जी मैसेज के बाद कार्रवाई की गई। ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर टीम गठित कर छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सभी आरोपी संगठित तरीके से साइबर अपराध कर रहे थे। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य संभावित लिंक की भी पड़ताल की जा रही है।


